पेशावर. पाकिस्तान के चरसद्दा की बाचा खान यूनिवर्सिटी में बुधवार सुबह तहरीक-ए-तालिबान ने हमला कर दिया। उस वक्त यूनिवर्सिटी में मुशायरा चल रहा था। कैम्पस में 3000 स्टूडेंट्स थे। आतंकियों ने एके-47 से फायरिंग की। 7 ब्लास्ट किए। स्टूडेंट्स के सिर में गोली मारी। इसमें 21 लोगों की जान चली गई। 50 से ज्यादा घायल हैं। 6 घंटे बाद चार हमलावर मारे गए। 13 महीने पहले इसी तालिबान ने पेशावर के आर्मी स्कूल पर हमला किया था।
हमले के पीछे 132 बच्चों की जान लेने वाला वही बदनाम चाइल्ड किलर...
- रॉयटर्स के मुताबिक, तहरीक-ए-तालिबान के गीदर ग्रुप ने ही इस हमले को अंजाम दिया है। मास्टरमाइंड ग्रुप का कमांडर उमर मंसूर है।
- मंसूर दिसंबर 2014 में पेशावर में आर्मी पब्लिक स्कूल पर हमले का मास्टरमाइंड था। इसमें 132 बच्चों की जान गई थी।
- वह टीटीपी के सरगना हकीमुल्ला मसूद का करीबी रहा है और पेशावर के पास दर्रा आदम खेल का रहने वाला है।
- 37 साल का मंसूर कभी वॉलीबॉल प्लेयर था। उसके दो बेटे और एक बेटी हैं। इसके बाद भी वह बच्चों को टारगेट करता है।
- मंसूर दिसंबर 2014 में पेशावर में आर्मी पब्लिक स्कूल पर हमले का मास्टरमाइंड था। इसमें 132 बच्चों की जान गई थी।
- वह टीटीपी के सरगना हकीमुल्ला मसूद का करीबी रहा है और पेशावर के पास दर्रा आदम खेल का रहने वाला है।
- 37 साल का मंसूर कभी वॉलीबॉल प्लेयर था। उसके दो बेटे और एक बेटी हैं। इसके बाद भी वह बच्चों को टारगेट करता है।
- पेशावर हमले के बाद से वह ‘चाइल्ड किलर’ के तौर पर बदनाम है।
- मंसूर इतना खतरनाक है कि तालिबान के जो आतंकी फौजियों या बच्चों पर जरा-सा भी रहम दिखाते हैं, वह उन्हें भी मार डालता है।
- वह अकसर अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर को पार करता है और अफगानिस्तान से हथियार लेकर आता है।
- मंसूर इतना खतरनाक है कि तालिबान के जो आतंकी फौजियों या बच्चों पर जरा-सा भी रहम दिखाते हैं, वह उन्हें भी मार डालता है।
- वह अकसर अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर को पार करता है और अफगानिस्तान से हथियार लेकर आता है।
कहां और कब हुआ हमला?
- हमला नॉर्थ-वेस्ट पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रॉविन्स में बाचा खान यूनिवर्सिटी पर सुबह 9 बजकर 13 मिनट पर हुआ।
- यह यूनिवर्सिटी पेशावर से 50 किमी दूर चरसद्दा में है।
- यूनिवर्सिटी को ‘सीमांत गांधी’ के तौर पर मशहूर खां अब्दुल गफ्फार खां की याद में शुरू किया गया था। उन्हें बाचा खान भी कहा जाता था।
- खां ऐसे इकलौते पाकिस्तानी थे, जिन्हें भारत रत्न से नवाजा गया था।
- खां की बरसी के मौके पर यूनिवर्सिटी के अंदर पश्तो मुशायरा हो रहा था।
- यह यूनिवर्सिटी पेशावर से 50 किमी दूर चरसद्दा में है।
- यूनिवर्सिटी को ‘सीमांत गांधी’ के तौर पर मशहूर खां अब्दुल गफ्फार खां की याद में शुरू किया गया था। उन्हें बाचा खान भी कहा जाता था।
- खां ऐसे इकलौते पाकिस्तानी थे, जिन्हें भारत रत्न से नवाजा गया था।
- खां की बरसी के मौके पर यूनिवर्सिटी के अंदर पश्तो मुशायरा हो रहा था।
कैसे घुसे आतंकी?
- हमले के वक्त घना कोहरा था। इसी का फायदा उठाते हुए 4 आतंकी बाॅयज होस्टल के पास पिछली दीवार लांघकर घुसे।
- आतंकी क्लासरूम्स और मुशायरे वाले जगह पहुंच गए।
- एके-47 से फायरिंग शुरू कर दी और एक के बाद एक ब्लास्ट कर दिए।
- आतंकी क्लासरूम्स और मुशायरे वाले जगह पहुंच गए।
- एके-47 से फायरिंग शुरू कर दी और एक के बाद एक ब्लास्ट कर दिए।
किसकी गई जान?
- केमिस्ट्री के प्रोफेसर सैयद हामिद हुसैन की मौत हो गई। मरने से पहले इस प्रोफेसर ने कुछ स्टूडेंट्स की जान बचाई।
- हुसैन, यूनिवर्सिटी के एक गार्ड और कुछ स्टूडेंट्स सहित 25 लोगों की मौत हो गई। 50 से ज्यादा घायल हैं।
- चार आतंकी मारे गए।
- हुसैन, यूनिवर्सिटी के एक गार्ड और कुछ स्टूडेंट्स सहित 25 लोगों की मौत हो गई। 50 से ज्यादा घायल हैं।
- चार आतंकी मारे गए।
पीएम मोदी ने ट्वीट करके जाहिर किया दुख
'पाकिस्तान की बाचा खान यूनिवर्सिटी पर हमले की घोर निंदा करता हूं। मृतकों के परिजनों के प्रति सहानुभूति और घायलों के लिए प्रार्थना करता हूं।'
19 महीने से ऑपरेशन, 11 हजार सैनिक, 190 अरब रुपए खर्च, फिर भी हो गया हमला?
- पाकिस्तानी आर्मी उत्तरी वजीरिस्तान में जून 2014 से ऑपरेशन जर्ब-ए-अज्ब चला रही है। इस पर अब तक 190 अरब रुपए खर्च हुए हैं।
- इस अॉपरेशन की इस वजह से 10 लाख लोगों को घर छोड़ने पड़े हैं।
- इस अॉपरेशन की इस वजह से 10 लाख लोगों को घर छोड़ने पड़े हैं।
- यह पूरा कबाइली इलाका है। कबीले तालिबान के खिलाफ आर्मी की मदद कर रहे हैं।
- ऑपरेशन से तालिबान को नुकसान पहुंचा। 19 महीने उसके 3400 से ज्यादा आतंकी मारे गए।
- पाकिस्तान आर्मी के भी 500 अफसर और जवान शहीद हुए। करीब 2000 से ज्यादा लोग घायल हुए।
- ऑपरेशन से तालिबान को नुकसान पहुंचा। 19 महीने उसके 3400 से ज्यादा आतंकी मारे गए।
- पाकिस्तान आर्मी के भी 500 अफसर और जवान शहीद हुए। करीब 2000 से ज्यादा लोग घायल हुए।
- पाकिस्तान की फौज और नवाज शरीफ की सरकार इस ऑपरेशन की कामयाबी का दावा कर अमेरिका से करोड़ों डॉलर की मदद ले रही है।
- इसके बावजूद इसी रीजन में लगातार हमले हो रहे हैं।
- असल में जितने आतंकी मारे जा रहे हैं, उससे ज्यादा नए आतंकी भर्ती हो रहे हैं।
पेशावर आर्मी स्कूल पर हमले से नहीं लिया सबक?
- जर्ब-ए-अज्ब ऑपरेशन के खिलाफ तहरीक-ए-तालिबान ने दिसंबर 2014 में पेशावर के आर्मी स्कूल पर हमला किया था।
- 132 बच्चों की जान जाने के बाद तालिबान के खतरे के कारण पाकिस्तान को सिर्फ पेशावर में स्कूलों की हिफाजत के लिए आर्मी की तैनाती हुई थी।
- पेशावर के आसपास भी एजुकेशन इंस्टिट्यूट्स में सिक्युरिटी बढ़ाई गई थी।
- 11 हजार जवानों की टुकड़ी पेशावर और आसपास तैनात की गई थी।
- इतनी बड़ी तैनाती के बावजूद पेशावर के पास बाचा खान यूनिवर्सिटी में यह हमला हो गया।
क्या बताता है इस हमले का पैटर्न?
- जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठन भारत के अंदर पब्लिक प्लेसेस और मिलिट्री बेस को निशाना बनाते हैं।
- वहीं, तहरीक-ए-तालिबान ने पाकिस्तान के अंदर अपनी स्ट्रैटजी बदली है। वह स्कूलों और यूनिवर्सिटी को निशाना बना रहा है।
- अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड के ग्लोबल टेररिज्म डेटाबेस के मुताबिक पाकिस्तान में 1970 से 2014 के बीच स्कूलों पर 850 हमले हुए हैं।
- इनमें ज्यादातर पेशावर के आसपास ही हुए हैं।
- यह आंकड़ा भारत के 223, अफगानिस्तान के 229 और इराक के 223 हमलों से ज्यादा है।
- वहीं, तहरीक-ए-तालिबान ने पाकिस्तान के अंदर अपनी स्ट्रैटजी बदली है। वह स्कूलों और यूनिवर्सिटी को निशाना बना रहा है।
- अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड के ग्लोबल टेररिज्म डेटाबेस के मुताबिक पाकिस्तान में 1970 से 2014 के बीच स्कूलों पर 850 हमले हुए हैं।
- इनमें ज्यादातर पेशावर के आसपास ही हुए हैं।
- यह आंकड़ा भारत के 223, अफगानिस्तान के 229 और इराक के 223 हमलों से ज्यादा है।
क्या है तहरीक-ए-तालिबान?
- तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान अफगानिस्तान के तालिबान से अलग होकर वजूद में आया।
- यह 2007 में बना था। तब 13 आतंकी ग्रुप्स ने तहरीक (मुहिम) में शामिल होने का फैसला किया था।
- यह आतंकी संगठन भी पाक में शरिया लागू करना चाहता है।
- यह 2007 में बना था। तब 13 आतंकी ग्रुप्स ने तहरीक (मुहिम) में शामिल होने का फैसला किया था।
- यह आतंकी संगठन भी पाक में शरिया लागू करना चाहता है।
पाक में आर्मी का रहा है दबदबा, फिर भी ऐसा बुरा नतीजा क्यों?
- पाकिस्तान के 67 साल के इतिहास में चार बार फौज ने तख्तापलट किया।
- अयूब खान (1958-1969), याह्या खान (1969-1971), जिया उल हक (1977-1988) और परवेज मुशर्रफ (1999-2008) ने फौज की हुकूमत चलाई।
- नतीजा यह रहा कि पाकिस्तान की फॉरेन पॉलिसी, पॉलिटिक्स और अंदरूनी मामलों में फौज और आईएसआई का दखल बढ़ा।
- इस वजह से पाकिस्तान के अवाम को कभी मजबूत इरादों वाली सरकार ही नहीं मिली।
- आर्मी, आईएसआई और कट्टरपंथी मौलवियों ने पाकिस्तान की सरकारों को भारत और अफगानिस्तान से रिश्ते बेहतर नहीं करने दिए।
- अयूब खान (1958-1969), याह्या खान (1969-1971), जिया उल हक (1977-1988) और परवेज मुशर्रफ (1999-2008) ने फौज की हुकूमत चलाई।
- नतीजा यह रहा कि पाकिस्तान की फॉरेन पॉलिसी, पॉलिटिक्स और अंदरूनी मामलों में फौज और आईएसआई का दखल बढ़ा।
- इस वजह से पाकिस्तान के अवाम को कभी मजबूत इरादों वाली सरकार ही नहीं मिली।
- आर्मी, आईएसआई और कट्टरपंथी मौलवियों ने पाकिस्तान की सरकारों को भारत और अफगानिस्तान से रिश्ते बेहतर नहीं करने दिए।
नवाज शरीफ ने क्या कहा?
- "मुल्क के लिए मरने वालों की कुर्बानी को जाया नहीं जाने दिया जाएगा।"
- पाक पीएम ने कहा- "बेकसूर स्टूडेंट्स और नागरिकों को मारने वालों का कोई मजहब नहीं होता है।"
- "हम एक बार फिर मुल्क से टेररिज्म को खत्म करने का कमिटमेंट करते हैं।"- "मुल्क के लिए मरने वालों की कुर्बानी को जाया नहीं जाने दिया जाएगा।"
चीफ मिनिस्टर परवेज खटक ने क्या कहा?
- "मैं यूरोप जा रहा था। लेकिन जैसी ही खबर मिली, मैं दुबई से वापस पाकिस्तान आ रहा हूं।
- "चंद लोग आ जाते हैं और खुद को मारना चाहते हैं। बड़ा मुश्किल होता है ऐसे लोगों को संभालना।"
- "हर स्कूल और यूनिवर्सिटीज को अपनी सुरक्षा करनी चाहिए। हमने गन के लिए लाइसेंस देने की बात भी कही है।"
बाचा खान यूनिवर्सिटी में क्या हुआ... जानिए हाईलाइट्स...
03:05 PM : कई सूत्रों के हवाले से खबर, यूनिवर्सिटी अटैक के पीछे टीटीपी का हाथ होने पर शक।
03:04 PM : खैबर पख्तूनख्वां गवर्नमेंट ने तीन दिन के शोक की घोषणा की।
03:02 PM : आर्मी चीफ राहिल शरीफ यूनिवर्सिटी कैम्पस में पहुंचे थे।
03:00 PM : सुसाइड बेल्ट्स को डिफ्यूज करने के लिए बम डिस्पोजल टीम पहुंच गई है।
02:58 PM : चरसद्दा के डीएसपी रजा मोहम्मद खान ने बताया कि सभी चार आतंकी मारे गए हैं और यूनिवर्सटी में कोई भी आतंकी मौजूद नहीं है।
02:10 PM : रीजन के सीएम ब्रिटेन दौरे पर जा रहे थे। बीच रास्ते से वापस आ रहे हैं।
02:06 PM : नवाज शरीफ ने तीन मंत्रियों को चरसद्दा जाने के निर्देश दिए।
02:00 PM : मीडिया को कैम्पस में आने की इजाजत दे दी गई है।
01: 50 PM : कैम्पस के ज्यादातर हिस्से में सर्च एंड क्लियर ऑपरेशन का खत्म।
01:42 PM : हमलावर की उम्र 18 से 22 साल के बीच है।
01:42 PM : हमलावर की उम्र 18 से 22 साल के बीच है।
01:40 PM : पाक मीडिया की रिपोर्ट, करीब डेढ़ घंटे से फायरिंग रुकी हुई है।
01:35 PM : आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन खत्म। कैम्पस को क्लियरेंस करा लिया गया है। सर्च ऑपरेशन चल रहा है।
01:30 PM : चरसद्दा डिस्ट्रिक्ट के सभी एजुकेशन इंस्टीट्यूट 31 जनवरी तक के लिए बंद रखने का आदेश।
01:19 PM : प्रांत के चीफ मिनिस्टर परवेज खट्टक यूके का दौरा बीच में रद्द कर पाकिस्तान लौट रहे हैं।
01:12 PM : हमले के बाद एहतियातन चार अन्य यूनिवर्सिटी को बंद कर दिया गया है।
01:10 PM : चरसद्दा हॉस्पिटल में यूनिवर्सिटी से 19 शव लाए गए हैं।
01:00 PM : खैबर प्रांत के मिनिस्टर शौकत यूसुफजई ने 25 लोगों के मरने, 50 का जख्मी होना कन्फर्म किया।
12:50 PM : ब्रॉडकास्ट रेगुलेशन अथॉरिटी 'पेमरा' से न्यूज चैनल पर ऑपरेशन की लाइव फुटेज बंद कराने को कहा।
12:50 PM : आर्मी ने अपना ऑपरेशन यूनिवर्सिटी के पास के गांव और इलाके में बढ़ाया।
12:22 PM : 8-10 आतंकी अब भी स्कूल के अंदर मौजूद।
12:05 PM : तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने हमले की जिम्मेदारी ली। बाचा खान यूनिवर्सिटी के अंदर दो बड़े धमाकों की आवाज।
11:58 AM : खैबर पख्तूनवा में मौजूद इस यूनिवर्सिटी में ‘सीमांत गांधी’ के नाम से मशहूर खां अब्दुल गफ्फार खां की बरसी के मौके पर मुशायरा हो रहा था। खां को भारत रत्न से नवाजा गया था। यह यूनिवर्सिटी पेशावर से 30 किमी दूर चरसद्दा में है।
11:53 AM : यूनिवर्सिटी में घुसे आतंकियों की संख्या 10 थी।
11:49 AM : एनकाउंटर में चार आतंकी मारे गए हैं।
11:37 AM : केमेस्ट्री के प्रोफेसर सैयद हामिद हुसैन मारे गए। दो स्टूडेंट और एक गार्ड की मौत।
11:30 AM : आतंकी लगातार एके-47 से फायरिंग कर रहे हैं।
11:25 AM : आतंकी गर्ल्स और बॉयज हॉस्टल के आसपास छिपे हैं।
11:20 AM : रेस्क्यू टीम ने 50 स्टूडेंट्स को बचाया।
11:15 AM : रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल एक अफसर के मुताबिक, आतंकियों ने करीब 70 स्टूडेंट्स को सिर में गोली मारी।
11:12 AM : पाकिस्तान की स्पेशल कमांडो टीम को यूनिवर्सिटी कैम्पस में उतारा गया है। यह कमांडो टीम वीवीआईपी की सिक्युरिटी में तैनात रहती है।
11:10 AM : कुछ पैराट्रूपर्स कैम्पस की छत पर मोर्चा संभाल चुके हैं।
10:56 AM : दर्जनों स्टूडेंट्स जान बचाने के लिए बॉथरूम में बंद हैं।
10:42 AM : पाकिस्तान आर्मी हमले से निपटने के लिए 7 हेलिकॉप्टर्स की मदद ले रही है।
10:32 AM : पाक आर्मी की एक यूनिट को यूनिवर्सिटी कैम्पस के अंदर भेजा गया है। बताया जाता है कि तीनों आतंकी सुसाइड बाम्बर हैं।
10:25 AM : बताया जाता है कि तीन हमलावर यूनिवर्सिटी के पिछले गेट से घुसे।
10:15 AM : पेशावर के अस्पतालों में इमरजेंसी का एलान।
10:05 AM : दो गार्ड्स घायल हो गए।
09:55 AM : कैम्पस में फायरिंग के साथ तीन ब्लास्ट की आवाजें भी सुनी गईं। फोर्स ने मोर्चा संभाल लिया है।
10:05 AM : दो गार्ड्स घायल हो गए।
09:55 AM : कैम्पस में फायरिंग के साथ तीन ब्लास्ट की आवाजें भी सुनी गईं। फोर्स ने मोर्चा संभाल लिया है।
09:48 AM : डॉन न्यूज के मुताबिक, 1100 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसमें पांच लोगों को माइनर इंजुरी हुई है।
09:38 AM : आतंकी दो टोली में थे। एक टोली मैनगेट से गार्ड्स को मारकर घुसी थी। दूसरी टोली कोहरे का फायदा उठाकर दीवार फांदकर घुसी।
09:35 AM : पेशावर के पास खैबर पख्तूनवा रीजन में बाचा खान यूनिवर्सिटी पर आतंकी हमले की खबर। यहां मुशायरा चल रहा था। इसके लिए 600 गेस्ट्स आए थे। यूनिवर्सिटी के अंदर 3000 स्टूडेंट्स हैं।
ऐसा ही था पेशावर हमला
- 16 दिसंबर 2014 को पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल पर हुए आतंकी हमले में 141 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें 132 बच्चे थे।
- तहरीक-ए-तालिबान के 7 फिदायीन आतंकियों ने यह हमला किया था।
यह भी पढ़ें : आर्मी स्कूल में जब आतंकियों ने मचाया कत्लेआम, 132 बच्चों की गई थी जान
पाक पीएम स्विट्जरलैंड में तो आर्मी चीफ सऊदी अरब में
- जिओ न्यूज के जर्नलिस्ट सैयद तलत हुसैन ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि पाकिस्तान और खैबर प्रांत में लीडर्स गायब हैं।
- उन्होंने ट्वीट किया, "पीएम शरीफ स्विट्जरलैंड में ठंडी का आनंद ले रहे हैं। जनरल राहिल ईरान-सऊदी मसला सुलझाने सऊदी अरब में बैठे हैं। खैबर गवर्नमेंट के आधे से ज्यादा लोग एमओयू साइन करने विदेश गए हैं और टेररिस्ट यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स काे मार रहे हैं।"
चश्मदीदों ने क्या कहा...
- ''हमलावर हम लोगों जैसे ही यंंग थे। उनके पास एके-47 गन थी। उन्होंने सैनिकों जैसी जैकेट पहन रखी थी। जब हमला हुआ, तब हम हॉस्टल में सो रहे थे, क्योंकि मेरी कोई क्लास नहीं थी।'' - कैम्पस में मौजूद स्टूडेंट
- ''फायरिंग की आवाज सुन हमारे केमिस्ट्री लेक्चरर ने अंदर जाने को कहा। उन्होंने अपनी पिस्टल निकाल ली थी, तभी आतंकियों ने उन्हें निशाना बनाया। मैंने दो लोगों को फायरिंग करते देखा। मैं किसी तरह पीछे की दीवार फांदकर बच निकला।'' - जियोलॉली स्टूडेंट जहूर अहमद
ऑर्गेनिक केमिस्ट्री के एक्सपर्ट प्रोफेसर हामिद की मौत
- चरसद्दा की बाचा यूनिवर्सिटी पर हुए आतंकी हमले में प्रोफेसर सैयद हामिद की मौत हो गई। हामिद ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में एक्सपर्ट थे और उनके सात रिसर्च पेपर पब्लिश हो चुके हैं।
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